खमीरा अबरेशम हकीम अरशद वाला: एक बेमिसाल यूनानी टॉनिक
परिचय: यूनानी चिकित्सा का अनमोल रत्न
खमीरा अबरेशम हकीम अरशद वाला यूनानी चिकित्सा पद्धति का एक ऐसा अनूठा नुस्खा है जिसकी प्रशंसा में जितने भी शब्द इस्तेमाल किए जाएँ, वे सभी अपर्याप्त प्रतीत होते हैं। सदियों से यह नुस्खा यूनानी हकीमों के लिए विश्वसनीय और प्रभावी औषधि रहा है। अरशद वाला कंपनी द्वारा निर्मित यह खमीरा अबरेशम न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी संजीवनी का कार्य करता है।
यूनानी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोई व्यक्ति नियमित रूप से इसका सेवन करे तो उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता इतनी मजबूत हो जाती है कि वह प्राकृतिक रूप से पूरी आयु प्राप्त कर सकता है। यह दावा इस दवा की प्रभावकारिता को दर्शाता है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और महत्व
खमीरा अबरेशम का इतिहास सैकड़ों वर्ष पुराना है। मुगलकाल में भारतीय उपमहाद्वीप में यूनानी चिकित्सा का प्रसार हुआ तो यह नुस्खा विशेष प्रसिद्धि प्राप्त की। हकीम अरशद वाला ने इसके मूल फॉर्मूले में कुछ संशोधन करके इसे और अधिक प्रभावी बनाया, इसीलिए यह उनके नाम से जाना जाता है।
पारंपरिक यूनानी चिकित्सा में ‘खमीरा’ एक विशेष प्रकार की औषधीय तैयारी है जिसमें जड़ी-बूटियों को शहद और फलों के रस में मिलाकर एक विशेष प्रक्रिया से तैयार किया जाता है। यह प्रक्रिया औषधीय गुणों को बढ़ाने में सहायक होती है।
खमीरा अबरेशम के घटक: प्रकृति का खजाना
जड़ी-बूटियाँ और प्राकृतिक पदार्थ:
– **अबरेशम (रेशम कीट का कोकून):** ताकत और स्फूर्ति प्रदान करता है
– **सुनबुल उत-तीब (वैलेरियन रूट):** तंत्रिका तंत्र को शांत करता है
– **पोस्त-ए-तुरंज (नारंगी छिलका):** पाचन को दुरुस्त रखता है
– **करनफल (लौंग):** एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर
– **दाना-ए-हील (इलायची):** हृदय स्वास्थ्य के लिए उत्तम
– **साजाज हिंदी (दारचीनी):** रक्त शर्करा नियंत्रित करती है
– **बुरादा-ए-संदल (चंदन पाउडर):** शीतलता प्रदान करता है
– **उद हिंदी (अगरवुड):** मानसिक शांति देता है
आसव और फलों का रस:
– **अर्क-ए-गावजबान:** हृदय को ताकत देता है
– **अर्क-ए-गुलाब:** त्वचा और मन को तरोताजा करता है
– **अर्क-ए-बेदमुश्क:** सुगंधित और प्रसन्नता देने वाला
– **आब-ए-सीब शीरीन (सेब का रस):** पोषण प्रदान करता है
– **आब-ए-अनार शीरीन (अनार का रस):** रक्त संबंधी लाभ
– **आब-ए-बेही शीरीन (नाशपाती का रस):** शीतल प्रभाव
– **आब-ए-बारान (बारिश का पानी):** प्राकृतिक शुद्धता
कीमती धातुएँ और रत्न:
– **अंबर अस्हब (एम्बर):** सौभाग्य और स्वास्थ्य का प्रतीक
– **मरवारीद (मोती):** मानसिक शांति और ठंडक
– **याकूत (रूबी):** ऊर्जा और उत्साह बढ़ाता है
– **यशब सब्ज (हरा जैस्पर):** संतुलन और स्थिरता
– **कहरुबा (एम्बर):** सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत
– **मरजान (मूँगा):** हृदय स्वास्थ्य के लिए
– **मुश्क (कस्तूरी):** शक्तिवर्धक गुण
– **वरक नुकरा (चाँदी के पत्तर):** शीतलता प्रदान करते हैं
– **वरक तिला (सोने के पत्तर):** ऊर्जा और चमक बढ़ाते हैं
अन्य घटक:
– **मस्तगी (मस्तिक):** मस्तिष्क के लिए पोषक
– **जाफरान (केसर):** रक्त संचार और मन को प्रसन्न करने वाला
– **शुद्ध शहद:** प्राकृतिक मिठास और संरक्षक
खमीरा अबरेशम के स्वास्थ्य लाभ
1. प्रमुख अंगों को मजबूती (आज़ा-ए-रईसा का पोषण)
यूनानी चिकित्सा में आज़ा-ए-रईसा चार प्रमुख अंगों को कहा जाता है: हृदय, मस्तिष्क, यकृत और जननांग। खमीरा अबरेशम इन सभी अंगों को समान रूप से पोषण और मजबूती प्रदान करता है। यह समग्र स्वास्थ्य के लिए आधारभूत कार्य करता है।
2. हृदय स्वास्थ्य के लिए विशेष लाभ
– हृदय की धड़कनों को नियमित करता है
– रक्त संचार में सुधार लाता है
– हृदय की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है
– कोलेस्ट्रॉल स्तर को संतुलित रखने में सहायक
– हृदय संबंधी घबराहट और बेचैनी को कम करता है
3. मस्तिष्क क्षमता में वृद्धि
– स्मरण शक्ति और एकाग्रता बढ़ाता है
– मानसिक थकान और तनाव को दूर करता है
– नींद की गुणवत्ता में सुधार लाता है
– मस्तिष्क में रक्त संचार बेहतर करता है
– अवसाद और चिंता के लक्षणों से राहत देता है
4. यकृत (लीवर) स्वास्थ्य में सुधार
– यकृत के कार्यों को नियमित करता है
– विषाक्त पदार्थों के निष्कासन में सहायक
– यकृत की सूजन और जलन को कम करता है
– पाचन क्रिया को सुचारु बनाता है
5. रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास
– प्राकृतिक रूप से प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है
– संक्रमणों से लड़ने की शक्ति बढ़ाता है
– मौसमी बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है
– एलर्जी प्रतिक्रियाओं को कम करता है
6. रक्त संबंधी लाभ
– शरीर में शुद्ध रक्त का निर्माण करता है
– रक्त को साफ करता है और उसकी गुणवत्ता बढ़ाता है
– एनीमिया (रक्ताल्पता) की स्थिति में लाभदायक
– चेहरे की रंगत में निखार लाता है
7. सामान्य कमजोरी और थकान का इलाज
– शारीरिक और मानसिक थकान दूर करता है
– ऊर्जा स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि करता है
– कार्यक्षमता और उत्पादकता बढ़ाता है
– सुस्ती और आलस्य को दूर करता है
8. पुरुष स्वास्थ्य के लिए लाभ
– पुरुष हार्मोन्स को संतुलित करता है
– यौन स्वास्थ्य में सुधार लाता है
– प्रजनन क्षमता को बढ़ावा देता है
– शुक्राणुओं की गुणवत्ता और संख्या में सुधार
9. तंत्रिका तंत्र को मजबूती
– तंत्रिकाओं की कमजोरी दूर करता है
– तंत्रिका संचरण में सुधार लाता है
– मांसपेशियों के समन्वय को बेहतर बनाता है
– तंत्रिका संबंधी दर्द से राहत देता है
10. बीमारी के बाद की देखभाल
– रोग के बाद की कमजोरी दूर करता है
– शरीर को जल्दी स्वस्थ करने में सहायक
– भूख और पाचन में सुधार लाता है
– समग्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है
सेवन विधि और मात्रा
मानक सेवन विधि:
खमीरा अबरेशम हकीम अरशद वाला की सामान्य मात्रा 5 से 7 ग्राम (लगभग एक चम्मच) है। इसे सुबह खाली पेट या रात को सोने से पहले गर्म दूध या पानी के साथ लेना चाहिए।
विशेष परिस्थितियों में मात्रा:
– **सामान्य स्वास्थ्य रखरखाव:** 5 ग्राम प्रतिदिन
– **कमजोरी की स्थिति में:** 7-10 ग्राम प्रतिदिन
– **बीमारी के बाद:** 7 ग्राम दिन में दो बार
– **वृद्ध व्यक्तियों के लिए:** 5 ग्राम प्रतिदिन
– **बच्चों के लिए:** 2-3 ग्राम प्रतिदिन (7 वर्ष से ऊपर)
सेवन की अवधि:
न्यूनतम 40 दिनों तक नियमित सेवन से स्थायी लाभ प्राप्त होते हैं। पूर्ण लाभ के लिए 3 से 6 महीने तक नियमित उपयोग की सलाह दी जाती है।
सावधानियाँ:
– सेवन के बाद 30 मिनट तक कुछ न खाएं
– अधिक मात्रा में सेवन न करें
– संतुलित आहार के साथ ही लाभदायक
उपयोग के निर्देश
किसे उपयोग करना चाहिए:
– शारीरिक या मानसिक कमजोरी वाले व्यक्ति
– परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र
– अधिक मानसिक श्रम करने वाले पेशेवर
– बीमारी के बाद जल्दी स्वस्थ होने के इच्छुक
– रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना चाहने वाले
– वृद्धावस्था में स्वास्थ्य बनाए रखने के इच्छुक
किसे उपयोग नहीं करना चाहिए:
– **उच्च रक्तचाप के रोगी:** चिकित्सकीय सलाह के बिना न लें
– **मधुमेह के रोगी:** शहद की मात्रा के कारण सावधानी आवश्यक
– **गर्भवती महिलाएँ:** चिकित्सक की सलाह के बाद ही लें
– **स्तनपान कराने वाली माताएँ:** चिकित्सक से परामर्श करें
– **गंभीर रोगों से पीड़ित:** विशेषज्ञ की सलाह लें
टेबलेट रूप में उपलब्धता
जिन्हें माजून (चटनी रूप) पसंद नहीं है, उनके लिए खमीरा अबरेशम टेबलेट के रूप में भी उपलब्ध है। टेबलेट का असर भी उतना ही प्रभावी होता है। टेबलेट की सामान्य मात्रा 1-2 गोली दिन में दो बार है।
टेबलेट के लाभ:
– सेवन में सुविधा
– सही मात्रा का निर्धारण आसान
– यात्रा के दौरान ले जाने में आसान
– स्वाद संबंधी कोई समस्या नहीं
गुणवत्ता और चयन
उच्च गुणवत्ता वाली कंपनियाँ:
1. **देहलवी रेमेडीज:** पारंपरिक तरीके से निर्माण
2. **तिब्बिया कॉलेज, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय:** शोध आधारित तैयारी
3. **हमदर्द लेबोरेटरीज:** विश्वसनीय और प्रामाणिक
4. **दावा-उल-हकीम:** पुरानी और विश्वसनीय कंपनी
गुणवत्ता जाँच के संकेत:
– समान्य बनावट और रंग
– प्राकृतिक सुगंध
– मूल पैकेजिंग में खरीदें
– एक्सपायरी डेट जाँचें
– विश्वसनीय विक्रेता से खरीदें
संयोजन चिकित्सा (कॉम्बो थेरेपी)
मस्तिष्क शक्ति बढ़ाने के लिए:
– **खमीरा अबरेशम + कुर्स मरजान जवाहर वाला:** स्मरण शक्ति बढ़ाता है
– **खमीरा अबरेशम + कुश्ता याकूत:** एकाग्रता में सुधार करता है
– **खमीरा अबरेशम + जिलौटून:** मानसिक थकान दूर करता है
हृदय स्वास्थ्य के लिए:
– **खमीरा अबरेशम + कुश्ता सदफ:** हृदय को मजबूती देता है
– **खमीरा अबरेशम + कुश्ता मरवारीद:** धड़कन नियमित करता है
– **खमीरा अबरेशम + कुश्ता अकीक:** रक्त संचार सुधारता है
सामान्य कमजोरी के लिए:
– **खमीरा अबरेशम + कुश्ता फौलाद:** शारीरिक शक्ति बढ़ाता है
– **खमीरा अबरेशम + कुश्ता शंगार्फ:** ऊर्जा स्तर उठाता है
– **खमीरा अबरेशम + माजून फलास्फा:** पोषण प्रदान करता है
पुरुष स्वास्थ्य के लिए:
– **खमीरा अबरेशम + कुश्ता नुकरा:** यौन शक्ति बढ़ाता है
– **खमीरा अबरेशम + कुश्ता सदफ:** प्रजनन क्षमता सुधारता है
– **खमीरा अबरेशम + माजून जलाली:** समग्र पुरुष स्वास्थ्य के लिए
साइड इफेक्ट्स और सावधानियाँ
संभावित दुष्प्रभाव:
सामान्यतः खमीरा अबरेशम के कोई गंभीर दुष्प्रभाव नहीं होते, परंतु कुछ व्यक्तियों में निम्नलिखित संभावनाएँ हो सकती हैं:
– **अति संवेदनशीलता:** किसी घटक से एलर्जी की प्रतिक्रिया
– **पाचन संबंधी:** शुरुआत में हल्की गैस या अपच
– **नींद में बदलाव:** कुछ को अधिक नींद आना
सावधानियाँ:
1. **चिकित्सकीय परामर्श:** गंभीर रोगों में विशेषज्ञ से सलाह लें
2. **मात्रा नियंत्रण:** निर्धारित मात्रा से अधिक न लें
3. **दवाओं के साथ संयोजन:** अन्य दवाओं के साथ लेने से पहले चिकित्सक से पूछें
4. **गर्भावस्था और स्तनपान:** विशेष देखभाल की आवश्यकता
5. **लंबे समय तक उपयोग:** नियमित अंतराल पर चिकित्सकीय जाँच कराएँ
शोध अध्ययन:
हाल के वर्षों में खमीरा अबरेशम पर कई शोध हुए हैं जो इसके लाभों की पुष्टि करते हैं:
1. **प्रतिरक्षा प्रणाली:** सफेद रक्त कोशिकाओं की गतिविधि बढ़ाने में सहायक
2. **एंटीऑक्सीडेंट गुण:** मुक्त कणों से लड़ने की क्षमता
3. **सूजनरोधी:** शरीर में सूजन कम करने वाले गुण
4. **तंत्रिका संरक्षण:** तंत्रिका कोशिकाओं की रक्षा करना
5. **हृदय संरक्षण:** हृदय की कार्यक्षमता में सुधार
वैज्ञानिक दृष्टिकोण:
आधुनिक विज्ञान भी मानता है कि खमीरा अबरेशम में मौजूद घटकों में औषधीय गुण होते हैं। सोना और चाँदी के नैनो कणों के गुण, जड़ी-बूटियों के सक्रिय यौगिक, और प्राकृतिक पदार्थों का संयोजन इसे एक प्रभावी टॉनिक बनाता है।
निष्कर्ष: प्रकृति का उपहार
खमीरा अबरेशम हकीम अरशद वाला वास्तव में यूनानी चिकित्सा का एक अनमोल रत्न है। यह न सिर्फ लक्षणों का इलाज करता है बल्कि समग्र स्वास्थ्य में सुधार लाता है। प्राकृतिक घटकों से तैयार यह दवा शरीर को प्राकृतिक रूप से मजबूत बनाती है।
यह महत्वपूर्ण है कि इसे संयम और नियमितता के साथ लिया जाए। सही मात्रा, सही समय और सही अवधि तक सेवन करने पर ही पूर्ण लाभ प्राप्त होता है। आधुनिक जीवनशैली में तनाव, अनियमित दिनचर्या और प्रदूषण के कारण उत्पन्न समस्याओं से निपटने में यह एक प्रभावी सहायक सिद्ध हो सकता है।
अंत में, यह याद रखना चाहिए कि कोई भी दवा जादू की छड़ी नहीं होती। खमीरा अबरेशम के साथ-साथ संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली भी आवश्यक है। यह प्राकृतिक चिकित्सा का एक सशक्त माध्यम है जो प्रकृति के उपहार से हमारे स्वास्थ्य की रक्षा करता है।
स्वास्थ्य ही सच्चा धन है, और प्रकृति इस धन की सबसे बड़ी संरक्षक है।


